
नीला झंडा हाथ में
Anil Kumar
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Промпт
मुखड़ा नीला झंडा हाथ में, दिल में बाबा साहब, भीम आर्मी का छोरा, अपने उसूलों का नवाब। ना किसी से बैर अपना, ना किसी से डरते हैं, बाबा साहब के रास्ते पे सीना तान के चलते हैं। नाम अनिल मेघवाल, अपनी अलग पहचान, बेनाथा गाँव से उठी आवाज़, चूरू में सम्मान। राजस्थान की धरती पे अपने कदम जमाए हैं, बाबा साहब के विचारों को दिल में बसाए हैं। अंतरा 1 ना महलों में जन्म लिया, ना सोने की थाली थी, मेहनत अपनी साथी थी, हिम्मत अपनी लाठी थी। बाबा साहब ने सिखाया, पढ़-लिखकर आगे बढ़ना, हक की खातिर डटकर रहना, अन्याय के आगे ना झुकना। किताबों से ताकत लेंगे, शिक्षा को हथियार बनाएँगे, अपने समाज के हर बच्चे को आगे लेकर जाएँगे। ना झूठी शान दिखानी है, ना किसी को नीचा बताना, बराबरी का दीप जलाकर, हर दिल में उजाला लाना। अंतरा 2 बेनाथा की गलियों में अब मेहनत की बात होगी, चूरू की इस धरती से नई शुरुआत होगी। राजस्थान का छोरा हूँ, दिल में रखूँ विचार, बाबा साहब का संविधान है, सबसे बड़ा आधार। अनिल नाम याद रखना, काम से पहचान बनेगी, मेहनत की इस राह में अपनी नई उड़ान बनेगी। ना दौलत का घमंड हमें, ना ताकत का नशा, इंसाफ और बराबरी का दिल में है जज़्बा। अंतरा 3 भीम आर्मी का मतलब समझो, शिक्षा और सम्मान, हर इंसान बराबर है, यही हमारा ज्ञान। जात-पात की दीवारों को मिलकर दूर हटाएँगे, प्यार और भाईचारे से नया समाज बनाएँगे। बाबा साहब के सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेंगे, सच्चाई की राह पकड़कर अपने कदम ना मोड़ेंगे। नीले रंग की शान रहेगी, दिल में रहे विचार, संविधान की राह पे चलना, यही अपना संस्कार। अंतिम मुखड़ा नीला झंडा हाथ में, दिल में बाबा साहब, भीम आर्मी का छोरा, अपने उसूलों का नवाब। बेनाथा से चूरू तक, गूँजे अपनी पहचान, राजस्थान का अनिल मेघवाल, बाबा साहब का सम्मान। मेहनत अपनी ताकत है, शिक्षा अपना मान, बराबरी और इंसाफ ही, अपनी असली शान। नाम अनिल मेघवाल, दिल में एक अरमान, बाबा साहब के विचारों से रोशन हो हिंदुस्तान।