कभी सोचा नहीं था
classical

कभी सोचा नहीं था

Sanjay Grover

0 me gusta3:2230 jul 2026

Prompt

कभी सोचा नहीं था यक़ीं होता नहीं था बड़ा या छोटा, कुछ भी मुझे ‘बनना’ नहीं था लगी तन्हाई बेहतर कोई परदा नहीं था सफ़र अच्छा ही ग़ुज़रा कहीं जाना नहीं था मिरे ख़्वाबों तलक में कहीं तकिया नहीं था वहीं बीनाईयां थीं जहां चश्मा नहीं था