मैं ठीक नहीं हूँ

मैं ठीक नहीं हूँ

MD SAHEB HUSSAIN SARKAR

0 喜歡3:54Sep 7, 2026
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提示詞

🎵 मैं ठीक नहीं हूँ [Intro — Soft] सबसे कहता हूँ... “मैं ठीक हूँ” मगर दिल जानता है... सच क्या है। [Verse 1] हँसते-हँसते दिन गुज़रता, रातें रोकर कटती हैं, भीड़ खड़ी है चारों तरफ़, फिर भी आँखें तरसती हैं। जिसको अपना समझा था मैंने, वो ही दूर चला गया, दिल ने जिसको घर माना था, वो ही घर को जला गया। [Pre-Chorus] अब किसी से क्या शिकायत, किससे अपना दर्द कहूँ? सबको अपनी फ़िक्र पड़ी है, मैं किसके आगे रोऊँ? [Chorus] मैं ठीक नहीं हूँ, मैं ठीक नहीं हूँ, फिर भी सबको कहता हूँ—ठीक हूँ। आँखों में नींद नहीं है मेरी, फिर भी सुबह से जागता हूँ। सीने में कुछ टूट गया है, आवाज़ मगर आती नहीं, मैं ज़िंदा तो हूँ इस दुनिया में, पर ज़िंदगी मुस्कुराती नहीं। [Verse 2] तेरी तस्वीर सामने रखकर, कितनी रातें गुज़री हैं, बातें करते-करते तुझसे, आँखें मेरी भर आई हैं। तेरा नाम जब कोई लेता, दिल चुपके से रोता है, कुछ रिश्तों का दर्द भी शायद उम्र के साथ नहीं खोता है। [Bridge — Emotional] काश कोई इतना पूछे, “सच में कैसे हो तुम?” मैं सारी दुनिया छोड़ के रो दूँ, और कह दूँ—“टूट गया हूँ मैं।” [Final Chorus — Powerful] मैं ठीक नहीं हूँ, सच कहता हूँ, आज झूठ नहीं बोलूँगा। जिस दर्द को छुपाया सबसे, आज उसे खोलूँगा। अगर कभी मेरी याद आए, बस एक बार आवाज़ देना, शायद मैं फिर मुस्कुरा दूँ, शायद फिर जीना सीख लूँ। [Outro — Whisper] सबको लगता है मैं बदल गया... सच तो ये है... मैं बहुत कुछ खो चुका हूँ... और अब खुद को ढूँढ रहा हूँ।